जो स्वयं की भलाई चाहता है तथा अपनी जान की निजात व सआदत व नेकबख़्ती चाहता है उसके ऊपर वाजिब है कि वह आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की सीरत, हालत तथा तरीका को जाने ताकि वह जाहिलों की टोली से निकल कर आप के गिरोह तथा जमात में शामिल हो जाए

जो स्वयं की भलाई चाहता है तथा अपनी जान की निजात व सआदत व नेकबख़्ती चाहता है उसके ऊपर वाजिब है कि वह आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की सीरत, हालत तथा तरीका को जाने ताकि वह जाहिलों की टोली से निकल कर आप के गिरोह तथा जमात में शामिल हो जाए